
South Korea Plane Crash: दक्षिण कोरिया के मुआन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अग्निशामक और बचाव दल के सदस्य रनवे पर काम करते हुए।
South Korea Plane Crash: दक्षिण कोरिया के मुआन एयरपोर्ट पर रविवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा हुआ। थाईलैंड से लौट रही जेजू एयर की फ्लाइट 2216 रनवे से उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 181 लोगों में से 85 की मौत हो गई। विमान में 175 यात्री और 6 क्रू सदस्य सवार थे। हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया, जिसमें अब तक 2 लोगों को बचाया गया है।
South Korea Plane Crash:
कैसे हुआ हादसा?
विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसलकर एक बाड़े से टकरा गया और आग लग गई। बताया जा रहा है कि विमान के लैंडिंग गियर में खराबी आ गई थी, जो पक्षियों के टकराने की वजह से हुई। मौके पर मौजूद आपातकालीन सेवाओं ने सुबह 9 बजे से रेस्क्यू शुरू किया।

South Korea Plane Crash: 181 यात्रियों में से 85 की मौत, रनवे से उतरकर हुआ हादसा
राष्ट्रपति का निर्देश
कार्यवाहक राष्ट्रपति चोई संग-मोक ने तुरंत सभी संसाधनों को जुटाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “सभी संबंधित एजेंसियां यात्रियों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करें।“
एयरलाइन ने मांगी माफी
जेजू एयर ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “हम इस घटना के लिए गहराई से माफी मांगते हैं और स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।”
जेजू एयर का इतिहास
यह दुर्घटना जेजू एयर के इतिहास में पहली घातक घटना है। 2005 में स्थापित यह एयरलाइन दक्षिण कोरिया की प्रमुख कम लागत वाली सेवाओं में से एक है। दुर्घटनाग्रस्त विमान 2017 में यूरोपीय एयरलाइन रायनएयर से खरीदा गया था।
एक हफ्ते में दूसरी बड़ी विमान दुर्घटना
इस हादसे से कुछ दिन पहले बुधवार को अजरबैजान एयरलाइंस का विमान कज़ाकिस्तान के अक्ताऊ शहर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 38 लोगों की मौत हुई थी।
मुआन एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स रद्द
मुआन एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है। घटना स्थल पर काला धुआं उठता देखा गया, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दक्षिण कोरिया की यह विमान दुर्घटना एक दिल दहला देने वाली घटना है, जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट है कि लैंडिंग गियर की खराबी और पक्षियों के टकराने जैसी घटनाएं विमानन सुरक्षा में बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
ऐसे हादसे यह याद दिलाते हैं कि उड्डयन उद्योग को सुरक्षा मानकों को और सख्त करने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहने की जरूरत है। इस त्रासदी ने न केवल प्रभावित परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि विमानन कंपनियों और सरकारों को सुरक्षा में सुधार के लिए नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया है।
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