
Manmohan Singh Passes Away ( Image Credit: Shutterstock)
Manmohan Singh Passes Away: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे। गुरुवार रात अचानक घर पर बेहोश हो जाने के बाद उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ले जाया गया, जहां रात 9:51 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
AIIMS की ओर से जारी बयान के अनुसार, “डॉ. मनमोहन सिंह को घर पर बेहोश होने के बाद 8:06 बजे आपातकालीन विभाग लाया गया। उनके इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।”
राजनीति और अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक योगदान
Manmohan Singh को भारत की आर्थिक उदारीकरण नीतियों का वास्तुकार माना जाता है। 1991 में वित्त मंत्री के रूप में उनके नेतृत्व में पेश किए गए सुधारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई दी। 2004 से 2014 तक, उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया।
भारत को 1991 मे आर्थिक संकट से बचाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी का निधन।
— suman (@suman_pakad) December 26, 2024
प्रकृति दिव्यंगत आत्मा को श्री चरणो मे स्थान दे! 🙏#ManmohanSingh pic.twitter.com/G4BFYFC27k
उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत ने आज अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक को खो दिया है। डॉ. मनमोहन सिंह जी का जीवन सादगी और सेवा का प्रतीक था। उनके कार्यकाल में किए गए सुधारों ने करोड़ों लोगों का जीवन बेहतर बनाया। उनकी दूरदृष्टि और विनम्रता हमेशा प्रेरणादायक रहेंगी।”
कांग्रेस पार्टी में शोक
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी, जो कर्नाटक के बेलगावी में पार्टी के एक कार्यक्रम में थे, तुरंत दिल्ली लौट आए। राहुल गांधी ने कहा, “मैंने आज एक दोस्त और मार्गदर्शक खो दिया है। डॉ. मनमोहन सिंह जी का योगदान हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाएगा।”
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “डॉ. सिंह सच्चे अर्थों में विद्वान, विनम्र और साहसी व्यक्ति थे। उनका जीवन देश सेवा और समानता के लिए समर्पित था।”
सादा जीवन, उच्च विचार
Manmohan Singh का जन्म 26 सितंबर 1932 को पंजाब के एक छोटे से गांव में हुआ था, जो उस समय भारत का हिस्सा था। बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और बाद में कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
अपने शांत स्वभाव और गहरी विद्वता के कारण उन्हें एक कुशल प्रशासक और प्रभावी नेता माना जाता था। हालाँकि, उनके दूसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों ने उनकी छवि को प्रभावित किया, जो 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण बना।
एक सदी का अंत
Manmohan Singh का जीवन इस बात का प्रमाण है कि समर्पण और ईमानदारी से राजनीति में भी महान ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। उनके निधन से भारत ने एक दूरदर्शी नेता और प्रेरणादायक व्यक्तित्व खो दिया।
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